हिमाचल प्रदेश सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई होम स्टे योजना-2025 लॉन्च की है। इस योजना में होम स्टे के लिए नियमों को आसान किया गया है, कमरों की संख्या बढ़ाकर छह की गई, और गैर-हिमाचलियों को भी मौका मिलेगा। पंजीकरण शुल्क में छूट और कम ब्याज पर लोन से स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
हिमाचल में पर्यटन को मिला नया आयाम: होम स्टे योजना-2025 की खास बातें
हिमाचल प्रदेश, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वादियों के लिए जाना जाता है, अब पर्यटन को और बढ़ावा देने के लिए नए कदम उठा रहा है। हाल ही में, हिमाचल प्रदेश सरकार ने होम स्टे नियम-2025 को लागू किया है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना है। इस योजना के तहत कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जो होम स्टे संचालकों और पर्यटकों दोनों के लिए फायदेमंद साबित होंगे।
हिमाचल प्रदेश पर्यटन विभाग ने होम स्टे नियम-2025 को 25 जून 2025 से लागू कर दिया है। नए नियमों के तहत होम स्टे और बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) संचालकों को पंजीकरण का अवसर दिया गया है। खास बात यह है कि तीन साल की पंजीकरण फीस एकमुश्त जमा करने पर 10% की छूट दी जाएगी। साथ ही, होम स्टे में कमरों की संख्या को चार से बढ़ाकर छह कर दिया गया है, जिससे संचालकों को ज्यादा मेहमानों को ठहराने की सुविधा मिलेगी।
इस योजना का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि अब गैर-हिमाचलियों को भी होम स्टे संचालन की अनुमति दी गई है। पहले यह सुविधा केवल हिमाचल के स्थानीय निवासियों तक सीमित थी, लेकिन नई नीति-2024 के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में गैर-हिमाचलियों के लिए भी रास्ता खोल दिया गया है। इससे राज्य में पर्यटन से संबंधित निवेश को बढ़ावा मिलेगा और ज्यादा लोग इस क्षेत्र में कारोबार शुरू कर सकेंगे।
हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आरएस बाली ने बताया कि जनजातीय और पहाड़ी क्षेत्रों में होम स्टे और होटल निर्माण के लिए मुख्यमंत्री स्टार्टअप योजना शुरू की गई है। इसके तहत युवाओं को 4% की कम ब्याज दर पर लोन उपलब्ध कराया जाएगा। इस वर्ष इस योजना के माध्यम से 15,000 युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने का लक्ष्य है।
नई नीति में पंजीकरण और नवीकरण शुल्क को होम स्टे के कमरों के किराए के आधार पर निर्धारित किया गया है। जिन होम स्टे का किराया 1,000 रुपये से कम होगा, उन्हें जीएसटी से छूट मिलेगी। साथ ही, चंबा जिले के पांगी उप-मंडल में होम स्टे के लिए पंजीकरण शुल्क को मानक दर का 50% रखा गया है।
होम स्टे निर्माण के लिए पहले अनिवार्य एनओसी की शर्त को भी हटा दिया गया है। इससे होम स्टे शुरू करने की प्रक्रिया आसान हो गई है। नए होम स्टे के लिए कमरों का आकार बढ़ाने का विकल्प भी दिया गया है, जैसे डबल बेड के लिए 120 वर्ग फीट और सिंगल बेड के लिए 100 वर्ग फीट।
हिमाचल में वर्तमान में 4,905 होम स्टे यूनिट्स हैं, और यह योजना इनकी संख्या को और बढ़ाने में मदद करेगी। सरकार का मानना है कि यह योजना न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगी। खासकर, छोटे और सीमांत किसानों, महिलाओं, और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को इसका लाभ मिलेगा।
इसके अलावा, सरकार ने पर्यटन के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए कई अन्य परियोजनाओं की भी पहचान की है। इनमें सकोह में रोलर स्केटिंग रिंक, परागपुर में गोल्फ कोर्स, मेंझा में हाई-एंड रिसॉर्ट, नगरोटा में पर्यटन गांव, और कांगड़ा में एयरो सिटी का विकास शामिल है।
हिमाचल सरकार का यह कदम न केवल पर्यटकों को आकर्षित करेगा, बल्कि स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करके ग्रामीण विकास को भी बढ़ावा देगा। यह योजना हिमाचल को देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में और मजबूती प्रदान कर सकती है।
Disclaimer: यह लेख हिमाचल प्रदेश सरकार की होम स्टे योजना-2025 और पर्यटन से संबंधित नवीनतम जानकारी पर आधारित है। डेटा विभिन्न विश्वसनीय समाचार स्रोतों और सरकारी घोषणाओं से लिया गया है। कृपया योजना के लाभ उठाने से पहले आधिकारिक दिशानिर्देशों की जांच करें।