हिमाचल प्रदेश सरकार ने बेटियों के लिए नई स्कॉलरशिप योजना शुरू की है, जिसका उद्देश्य शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। ‘मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना’ के तहत पात्र बालिकाओं को मासिक अनुदान और उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता मिलेगी। यह योजना विधवाओं और निराश्रित परिवारों की बेटियों को प्राथमिकता देती है।
हिमाचल में बेटियों के लिए नई स्कॉलरशिप योजना का ऐलान
हिमाचल प्रदेश सरकार ने बेटियों की शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए ‘मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना’ की शुरुआत की है। इस योजना का उद्देश्य उन परिवारों की बालिकाओं को सहायता प्रदान करना है, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं, विशेष रूप से विधवाओं, निराश्रित और तलाकशुदा महिलाओं के बच्चों को। योजना के तहत 18 वर्ष तक की पात्र बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जरूरतों के लिए प्रति माह 1,000 रुपये का अनुदान दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, स्नातक, स्नातकोत्तर और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की फीस और छात्रावास व्यय के लिए भी वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस योजना को ‘व्यवस्था परिवर्तन से आत्मनिर्भर हिमाचल’ थीम के तहत लॉन्च किया है। उन्होंने कहा कि यह योजना बेटियों को न केवल शिक्षा के अवसर प्रदान करेगी, बल्कि उन्हें भविष्य में आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में भी मदद करेगी। योजना के तहत विशेष ध्यान उन बालिकाओं पर है, जिनके अभिभावक दिव्यांग हैं या जिनके परिवार आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं।
इसके अलावा, केंद्र सरकार की ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ भी हिमाचल में बेटियों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल रही है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हाल ही में गुना में इस योजना के तहत 886 बालिकाओं के खाते खोलने की बात कही, जो हिमाचल में भी प्रेरणा का काम कर रही है। हिमाचल सरकार इस तरह की केंद्र और राज्य योजनाओं को मिलाकर बेटियों के लिए एक मजबूत आर्थिक ढांचा तैयार करने की दिशा में काम कर रही है।
योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया को सरल रखा गया है। पात्र परिवार अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र या जिला शिक्षा कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि योजना का लाभ पारदर्शी तरीके से जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल भी जल्द शुरू किया जाएगा, जहां आवेदन और ट्रैकिंग की सुविधा उपलब्ध होगी।
यह योजना हिमाचल प्रदेश के विकास रोडमैप का हिस्सा है, जिसे मुख्यमंत्री सुक्खू ने 2027 तक आत्मनिर्भर हिमाचल और 2032 तक देश के सबसे समृद्ध राज्यों में से एक बनाने के लक्ष्य के साथ पेश किया है।
Disclaimer: यह लेख हिमाचल प्रदेश सरकार की घोषणाओं और उपलब्ध वेब जानकारी पर आधारित है। नवीनतम अपडेट के लिए आधिकारिक सरकारी पोर्टल या समाचार स्रोतों की जांच करें।