“यूपी सरकार ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए नई पेंशन योजनाओं की घोषणा की है। 2025 में लागू ये योजनाएं 18-40 वर्ष की आयु के श्रमिकों को 60 वर्ष की उम्र के बाद 3000 रुपये मासिक पेंशन प्रदान करेंगी। e-Shram पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। यह कदम सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा देगा।”
उत्तर प्रदेश में असंगठित श्रमिकों के लिए पेंशन योजना
उत्तर प्रदेश सरकार ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। हाल ही में, 2025 में लागू होने वाली नई पेंशन योजनाओं की घोषणा की गई है, जो विशेष रूप से उन श्रमिकों को लक्षित करती हैं जो असंगठित क्षेत्र में कार्यरत हैं। इनमें रिक्शा चालक, निर्माण श्रमिक, रेहड़ी-पटरी वाले, घरेलू कामगार, और खेतिहर मजदूर शामिल हैं।
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (PM-SYM) योजना के तहत, 18 से 40 वर्ष की आयु के श्रमिक, जिनकी मासिक आय 15,000 रुपये से कम है, इस योजना में शामिल हो सकते हैं। इस योजना में श्रमिक को मासिक 55 से 200 रुपये तक का योगदान देना होता है, जिसके बराबर राशि केंद्र सरकार भी जमा करती है। 60 वर्ष की आयु के बाद, पंजीकृत श्रमिकों को 3000 रुपये की मासिक पेंशन प्रदान की जाएगी। यदि पेंशनभोगी की मृत्यु हो जाती है, तो उनके जीवनसाथी को 50% पेंशन मिलेगी।
2021 तक, उत्तर प्रदेश में PM-SYM योजना के तहत 6.36 लाख से अधिक श्रमिकों ने पंजीकरण कराया था। हाल के आंकड़ों के अनुसार, e-Shram पोर्टल पर लगभग 28.97 करोड़ असंगठित श्रमिकों का पंजीकरण हो चुका है, जिसमें उत्तर प्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान है। यह पोर्टल श्रमिकों की जानकारी, जैसे नाम, पता, व्यवसाय, और कौशल, को एकत्रित करता है, जिससे उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रमिकों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए कई सुविधा केंद्र स्थापित किए हैं। ये केंद्र LIC कार्यालयों, EPFO/ESIC कार्यालयों, और केंद्रीय व राज्य सरकार के श्रम कार्यालयों में उपलब्ध हैं। श्रमिक अपने आधार कार्ड, बैंक खाता, और मोबाइल नंबर के साथ नजदीकी सामान्य सेवा केंद्र (CSC) पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं।
इसके अतिरिक्त, उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड ने ‘निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना’ शुरू की है। इसके तहत, निर्माण श्रमिकों को घर बनाने या खरीदने के लिए 1 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है, जो दो किश्तों में प्रदान की जाती है। घर की मरम्मत के लिए 15,000 रुपये की सहायता भी उपलब्ध है।
हालांकि, इन योजनाओं के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। 2023 में PM-SYM योजना के 21% सब्सक्राइबर्स ने पहले छह महीनों में ही योजना छोड़ दी थी। विशेषज्ञों का मानना है कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की अनियमित आय के कारण मासिक अंशदान देना उनके लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसके समाधान के लिए, सरकार से अधिक लचीली योजनाओं की मांग की जा रही है, जैसे कि दैनिक या साप्ताहिक अंशदान की सुविधा।
2025 के बजट में, सरकार ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए अटल पेंशन योजना (APY) को और आकर्षक बनाने की योजना बनाई है। इसमें न्यूनतम पेंशन राशि बढ़ाने और अधिक प्रोत्साहन देने की संभावना है। इसके अलावा, तकनीक का उपयोग करके पेंशन योजनाओं की पहुंच बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है, जैसे कि मोबाइल ऐप्स के माध्यम से पंजीकरण और भुगतान की सुविधा।
Disclaimer: यह लेख विभिन्न विश्वसनीय स्रोतों और सरकारी घोषणाओं पर आधारित है। जानकारी को तथ्यात्मक और ताजा रखने का प्रयास किया गया है, लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे नवीनतम अपडेट के लिए सरकारी पोर्टल्स और समाचार स्रोतों की जांच करें।